अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान युद्ध जीत चुका है और इसलिए वो होर्मुज स्ट्रेट से टोल वसूल सकता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि युद्ध के बाद अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में टोल लगाने पर विचार कर सकता है। हालांकि अमेरिका को अगर होर्मुज स्ट्रेट से टोल वसूलना है तो उसे इसपर 100 फीसदी सैन्य नियंत्रण की आवश्यकता होगी। सोमवार को जब उनसे पूछा गया कि क्या वो ऐसे किसी समझौते को स्वीकार करेंगे जिसके तहत ईरान को इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क लेने की अनुमति मिल जाए?
इस पर ट्रंप ने कहा कि “हम टोल क्यों न लें? मैं उन्हें शुल्क लेने देने के बजाय खुद ऐसा करना पसंद करूंगा। हम ऐसा क्यों न करें? हम विजेता हैं। हमने जीत हासिल की है।” इसके बाद ट्रंप ने फिर दोहराया कि ईरान को सैन्य रूप से हरा दिया गया है। ट्रंप ये दावा 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के पहले हफ्ते से ही करते आए हैं लेकिन ईरान अभी भी पूरे मिडिल ईस्ट में मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है। उसने होर्मुज को ब्लॉक कर रखा है और अमेरिका ने युद्ध के लिए जितने भी मकसदों की बात की थी उनमें एक भी मकसद पूरा नहीं हुआ है।
होर्मुज स्ट्रेट से टोल वसूल सकता है अमेरिका
डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से कहा “उनके पास बस एक ही सोच है कि हम बारूदी सुरंगें बिछा देंगे। लेकिन मेरा मतलब है हमारे पास एक ऐसा तरीका है जिसके तहत हम टोल वसूलेंगे।” आपको बता दें कि होर्मुज, जो खाड़ी को हिंद महासागर से जोड़ता है वो ज्यादातर ओमान और ईरान के समुद्री क्षेत्र में पड़ता है। युद्ध से पहले दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) इसी जलडमरूमध्य से होकर गुजरता था।
डोनाल्ड ट्रंप की ये ताजा टिप्पणियां तब आईं जब उन्होंने ईरान को बिल्कुल तबाह करने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि या तो वे जलडमरूमध्य को फिर से खोलें और वॉशिंगटन की शर्तें मान लें या फिर ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे, जिसमें पुल और बिजली संयंत्र शामिल हैं उसे पूरे देशभर में तबाह कर देंगे। ट्रंप ने सोमवार को पत्रकारों से कहा कि ईरान के साथ किसी भी समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना जरूर शामिल होना चाहिए।
होर्मुज से ईरान भी टोल वसूलने की तैयारी में
ईरान ने भी होर्मुज स्ट्रेट से टोल वसूलने के लिए बकायदा एक कानून बनाया है। उसने पहले ही कुछ जहाजों से टोल वसूलना शुरू कर दिया है। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर ग़ालिबफ़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा “होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति युद्ध से पहले जैसी नहीं रहेगी।” ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी युद्ध के बाद इस जलमार्ग के प्रबंधन के लिए “नई व्यवस्थाओं” की मांग की है ताकि जहाजों के सुरक्षित मार्ग को सुनिश्चित किया जा सके और ईरान के हितों की रक्षा हो सके।

