विदेश मंत्री एस. जयशंकर शनिवार सुबह रायपुर पहुंचे, जहां उनका स्वागत राज्य के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने किया। इसके बाद वे नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान रायपुर के परिसर के लिए रवाना हुए।
दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल
डॉ. जयशंकर आईआईएम रायपुर के 15वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और छात्रों को संबोधित किया।
वैश्विक व्यवस्था में बदलाव का जिक्र
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विश्व एक बड़े परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। वैश्विक शक्ति संतुलन और रिलेटिव पावर में स्पष्ट बदलाव देखने को मिल रहा है, जो कई मायनों में संरचनात्मक है।
भारत ने चुनौतियों का किया मजबूती से सामना
उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में दुनिया भर में आए झटकों ने देशों की सहनशक्ति की परीक्षा ली है, लेकिन भारत ने आंतरिक और बाहरी दोनों तरह की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया है।
भारत में आशावाद का माहौल
जयशंकर ने कहा कि भारतीय समाज में ऐसा आशावाद है, जो दुनिया के कई हिस्सों में देखने को नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों की प्रगति ने लोगों में यह विश्वास पैदा किया है कि आने वाला समय और बेहतर होगा।
शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में भारत की जगह
उन्होंने बताया कि भारत अब दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है, जो देश के बढ़ते आत्मविश्वास और क्षमता को दर्शाता है।
समावेशी विकास और डिजिटल क्रांति पर जोर
विदेश मंत्री ने कहा कि समावेशी विकास, प्रतिनिधि राजनीति और निर्णायक नेतृत्व ने देश के लिए नई नींव तैयार की है। उन्होंने डिजिटल क्रांति को अपनाने और उसे जीवन में उद्देश्यपूर्ण तरीके से लागू करने को भारत की बड़ी उपलब्धि बताया।
‘कर दिखाने की भावना’ बना ताकत
डॉ. जयशंकर ने कहा कि देश में ‘कर दिखाने की भावना’ का जागरण हुआ है, जिसने भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त किया है।

