पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को मालदा जिले के मानिकचक में चुनावी रैली को संबोधित किया. यहां उन्होंने कई भड़काऊ और विवादास्पद बयान दिये. ममता बनर्जी ने एक बार फिर इलेक्शन कमीशन, केंद्र सरकार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अमित शाह को खूब खरी-खोटी सुनायी. बंगाल की चीफ मिनिस्टर ने महिलाओं से कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) केंद्र सरकार बनाती है. इसलिए अगर ईवीएम में खराबी आ जाये, तो किसी को वोट मत करने दीजिएगा.
वोट के बाद ईवीएम और वीवीपैट की सुरक्षा करें महिलाएं
ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी ने मालदा की चुनावी रैली में महिलाओं से आह्वान किया कि वे मतदान समाप्त होने के बाद ईवीएम और वीवीपीएटी मशीनों की सुरक्षा करें. उन्होंने कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दस्तावेजों की जांच कर रहे लीगल ऑफिसर्स (न्यायिक अधिकारियों) के पास न जायें. वोटर लिस्ट में फिर से नाम जुड़वाने के लिए सीधे ट्रिब्यूनल मेंआवेदन दें.
जजों को बंधक बनाये जाने के मामले का फिर किया बचाव
ममता बनर्जी ने एक बार फिर मालदा में जजों को बंधक बनाये जाने के मामले की बचाव करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि 2 सांप्रदायिक दलों ने न्यायिक अधिकारियों का घेराव किया और फरार हो गये. एनआईए अब स्थानीय युवाओं को परेशान कर रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा को जनता से माफी मांगनी चाहिए. ममता बनर्जी ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाये जाने का बदला लेने के लिए लोग ईवीएम का इस्तेमाल करें.
अमित शाह में हिम्मत है तो मालदा में बैठक करें: ममता
टीएमसी सुप्रीमो ने कहा कि अगर अमित शाह में हिम्मत है, तो वह मालदा में बैठक करें. उन लोगों से बात करें, जिनके नाम मतदाता सूची से हटा दिये गये हैं. ममता बनर्जी का यह कटाक्ष अमित शाह के उस बयान पर था, जिसमें उन्होंने कहा था कि बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में वह 15 दिन तक बंगाल में ही रहने वाले हैं.

