Headline
अनियमितताओं के चलते HPCL ने LPG के 10 डिस्ट्रीब्यूटर को किया सस्पेंड
भारी गिरावट के साथ हुई शेयर बाजार की शुरुआत, सेंसेक्स और निफ्टी दोनों फिसले
प्रभास की आने वाली फिल्म ‘फौजी’ की कुछ तस्वीरें लीक, मेकर्स ने दी सख्त चेतावनी
आईपीएल 2026: आज गुवाहाटी में होने वाला मुकाबला भविष्य और वर्तमान की टक्कर
शमी ने फेर दिया उम्मीद पर पानी, पावरप्ले में सिर्फ 22 रन ही बना सकी SRH की टीम
संसद का विशेष सत्र बुलाने पर भड़की कांग्रेस, चुनावी लाभ लेने का आरोप लगाया
मालदा में ममता का विवादित बयान: कहा, EVM में खराबी हो तो मतदान न करें
पंजाब के मुख्यमंत्री मान का एलान, किसानों को मिलेगा फसल के नुकसान का मुआवजा
वाराणसी में सीएम योगी ने किया विश्वनाथ व काशी कोतवाल काल भैरव का दर्शन-पूजन

नई द‍िल्ली। पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ईरानी कच्चे तेल को लेकर फैल रही चीन को डायवर्ट और पेमेंट से जुड़ी खबरें गलत हैं। सरकार के अनुसार,देश की कच्चे तेल की सप्लाई पूरी तरह सुनिश्चित है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ईरानी कच्चे तेल की खेप को लेकर फैल रही खबरों और सोशल मीडिया पोस्ट्स को सिरे से खारिज किया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है कि भुगतान संबंधी दिक्कतों के कारण गुजरात के वडीनार से ईरान का कच्चा तेल चीन की ओर मोड़ा गया।

भारत की कच्चे तेल की आवश्यकता पूरी तरह सुरक्षित है
मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि पश्चिम एशिया में सप्लाई से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद भारतीय रिफाइनरियों ने अपनी कच्चे तेल की जरूरतों को सुरक्षित कर लिया है, जिसमें ईरान से आयात भी शामिल है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि ईरानी कच्चे तेल के भुगतान को लेकर किसी तरह की कोई बाधा नहीं है, जैसा कि कुछ अफवाहों में दावा किया जा रहा है। सरकार ने दोहराया कि आने वाले महीनों के लिए भारत की कच्चे तेल की आवश्यकताएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और सप्लाई को लेकर कोई चिंता की बात नहीं है।

क्या था मामला?
दरअसल, तेल बाजार पर नजर रखने वाली एजेंसी केप्लर ने दावा किया था कि ईरान से लगभग 6 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर भारत आ रहा एक जहाज अचानक अपना मार्ग बदलकर चीन की दिशा में बढ़ गया । यह जहाज, जिसका नाम ‘पिंग शुन’ है, गुरुवार रात तक अरब सागर में भारत के रास्ते पर था और इसके गुजरात के वाडिनार बंदरगाह पहुंचने की संभावना जताई जा रही थी।

केप्लर में रिफाइनरी और ऑयल मार्केट मॉडलिंग के मैनेजर सुमित रितोलिया ने बताया था कि यह जहाज पिछले तीन दिनों से वाडिनार की ओर बढ़ रहा था, लेकिन मंजिल के करीब पहुंचने से ठीक पहले इसने अपनी दिशा बदल दी। उन्होंने कहा था कि जहाज ने अब अपने घोषित गंतव्य भारत से बदलकर चीन की ओर संकेत देना शुरू कर दिया है, जिससे इस अचानक बदलाव को लेकर सवाल खड़े हो गए थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *